भगवानबुद्ध के विश्रामस्थल ‘विहार‘ शब्दसेउपजाबिहार।दोतिहाईदेश घूमलेने के बावजूदयह अनूठाबिहारमेरेलिए अनछुआहीथा।देश के दोमहानसाम्राज्योंमौर्यवंशऔरगुप्तवंश की राजधानीपाटिलिपुत्र इसकी ‘कैपिटल’ जानेकाअचानकसंयोगबना।है।सोउड़ चलेबिहार।
हवाईजहाजजबजमीनकोछूनेहीवालाथाकिविंडोसेहरियालीऔरउंचीउंचीअट्टालिकाएंनजरआनेलगीं।लगाबिहारतोबदलरहाहै।बाहरहवाईअड्डेपरजयप्रकाशनारायण कानाम देखातोअहसासहुआकिकहींतोइसविभूति की विरासत की कद्रहै।परजबहवाईअड्डेपरटैक्टरों के जरियेढोयाजातासामान देखा, एयरपोर्ट की सुस्तव्यवस्थाएं देखीं, घंटेपरलगेजकाइंतजारकिया, लगाबिहारबदस्तूरबेहालहै।
बाहरनिकलेतोलगा एयर पोर्ट के चारोतरफबसावट। शहर के बीचोंबीच।आमतौरपर ऐसावर्जितहीरहताहैसुरक्षाकारणोंसे।पूछातो पता चला शहरबसतागयातोपूछताकौनहै।अपनावाहनआगयाथा, चारोतरफहरियाली देख करमनप्रसन्नथा।गंगाआगयी। नदीकाइतनाचैड़ापाट, कहींनहीं देखा।ऐसीसुरसरि के तटपरहीविशालसंस्कृतियोंकाजन्मलेनासहजसंभवथा।परअबक्याहोगयाबेचारेबिहारको?नयापुलथा। पता लगापुरानापुलटूटरहाहै।इंदिराजी ने उद्घाटनकियाथा।पास के जिलोंमेंतीनसौसालपुरानेपुलजिंदाहैं। यह तोआधीसदीभीबसरनहींकरपाया।
भूख लगीथी, डाइवरमहोदयसेकहालिट्टीचोखा खिलवादो। खोजतेरहे, मिलानहीं।जहांमिला, वो भीतला।लगादक्षिण के डोसे की तरह एक फंतीसीहै यह बाटीचोखा।होटलोंमेंडोसेकाजोस्वरूप्मिलताहै, दक्षिणमेंदुर्लभहै।उसीतरहबाटीचोखा के जरियेबिहार की जोब्रांडिंगपूरेदेशमेंकररहाहै, हकीकतउससेजुदाहै।असलबाटीभीअलगहैऔरबिहारभी।ज्यादावक्तभीनहींथा।
थकहारकरकहाकहींढाबेहीलेचलो।डाइवर ने थोड़ीदेरमेंगाड़ीरोकदी।नजरपड़ी यादवचैक‘0’किलोमीटर।चैराहेकानामलालूप्रसादयादवचैराहाथा।मायावतीजी की तरहमूर्तिकीतोउम्मीदनहींथी, पर यहांरेलिंगभीगायबथी।डाइवरमहोदय ने मैन्यूनहींदिया, जोथाअच्छेसेखिलाया।ढाबेकाभोजनबिल्कुल घरसाथा,भाजीकुछकुछ स्व. मांके हाथोंजैसी।परबिलहोटलाधिराज ने हमारीकार के आकारको देखकरबनालियाथा।
हाईवे शानदारथापरपास की सड़कें खस्ताहाल। एक देशमेंदोजिंदगियां शायदनियतिरहीहै, जिसेबदलना जरूरी है।चलतेचलतेरातहोगयीथी।गूगलमैप ने भीगुगली दे दी।जिसहोटलकोबुककराया, उसे खोजते खोजतेऐसेइलाकेमेंपहुंचगयेजहांअंधकारसन्नाटा, खेतसबनजरआरहेथे बस आदमीनहीं।डाइवरमहोदय ने बताया, इलाका खतरनाकहै, छिनैतीहोसकतीहै।सांसहलकमेंअटकीथी।तभीसामनेसेजीपआतीदिखी।उसकीहेडलाइटमेंउम्मीदों की रौशनीथी।जिसरास्तेसेआयाथाउसीपरचलनिकले।ईश्वर की कृपासेसड़क मिल गयी।
होटलपहुंचे।रातगहरीहोचुकीथी।काउंटरपरबैठा कम उम्रका युवाबोला-ओयो ने जोकिरायाबतायाहमनहींमानेंगे।आपदूसरा देखो।लड़कानयाथा।दबीजुबानमेंमानाकिमालिक के आगेमजबूरहै।तकनीकसेउपरमालिककीतिकड़मथी।
अगलीसुबहअकादमिककामपूराकरने के बादपटनामें वो जगह देखीजहांगांधीसेसम्मानितजेपीकोकांगे्रसियों ने लाठीमारी।इंदिरा ने मुख्यमंत्री गफूरसेइस्तीफातक न लिया।असहिष्णुताथी या नहींआपजाने।आपातकाललगा।जेपी के नेतृत्वमंेबिहारसे एक सत्ता के अहंकारको धूलमेंमिलादिया।परबादमेंजेपी के अनुयायियों ने उनके सपनोंकोभी धूलमेंरौंददिया।
एक प्रतिष्ठितपार्टी के प्रवक्तासेहमारेवरिष्ठसाथियों की निजीमुलाकातथी।विद्वान, प्रतिभाशालीपरउपेक्षित।बातनिकलीतो पता चलाकईपुस्तकों के लेखकभीहै।देश की राजधानीमेंभीदुर्लभ।चर्चाचली,, एक दबंगसाहबदिल्लीमेंदरबारचलातेहैं।बाहुबलीहैं, सोदेश की राजधानीमेंभीहरकामकरादेतेहैं। ये साहबविद्वानहैं, इसलिए अपनाकामभीकरानाभीअपाढ़ है।वाह, विद्वानपरभारीराजनीतिकपहलवान।
सोचातोलगाजुगाड़ हीबिहारकीताकतभीहैऔरकमजोरीभी।दुनिया के हरकोनेमेंविपरीतहालातमेंजुगाड़ के
जरियेहीरास्तानिकाललेतेहैंबिहारी।परराज्य में यह जुगाड़ ऐसीलत बन गयाहैजोकोईव्यवस्थाबननेहीनहीं दे रहाहै।इनहालातसेनिकलनेकाकोई ‘जुगाड’ है? ़
