आखिर युवाक्योंपहनतेहैंफटीजीन्स

जीन्ससेज्यादा यंग वल्र्ड के दिलोदिमागमेंबसीड्रेसकोईऔरहैक्या? दुनियाभरमेंजीन्स के कद्रदानकरोड़ोंमंेहैं।कोईकहताहैकिशरीरसेअलगनहींबिल्कुल शरीर के ढांचेमेंढलीहुईलगतीहै, यह जीन्स।कोईइसलिए इसकामुरीदहैकिरोज-रोजधुलनेऔरप्रेसकरने की झंझट सेनिज़ातदिलातीहै ये।औरकोईतोइसेकम्प्लीटलीवर्कफ्रेंडलीमानताहै।परइनसबसेअलगजोचीजइसे खासबनातीहैवहहैकिफटने के बादइसकाऔरकीमतीहोजाना।
आखिरइसकाकारणक्याहै? क्योंजेनजेडफटीजीन्सकीदीवानीहैै।क्याइसेमहजफैशन कह कर खारिजकियाजासकताहै।परफैशन के भीसामाजिकमनोवैज्ञानिककारणहोतेहैं।औरफैशनतोमहजमौसमीहोताहै, आज ये तोकलवो।परजीन्स के साथ ऐसाक्योंनहीं।क्योंफटीजीन्सकाचलनबारबारलौटकरआताहै, या यूंकहंेंकमोबेशबनारहताहैऔरअक्सरउफानका रूपलेलेताहै।परइसफटीजीन्स के टेªन्डकोजाननेसेपहलेजीन्सकीकहानीजानलें।

किस्सा एजीन्स
वर्ष1870 की बातहै। एक जर्मनव्यापारीलोएबस्टाॅस ने कामकाजीलोगांे की जरूरत को ध्यानमें रखकरट्विल्डकाॅटनसेबनापरिधानप्रस्तुतकिया, जिसेलोगों ने जीन्सनामदिया।लोएब ने अपनेनामकासरलीकरण‘लेवी’नामसेकियाजोबादमें एक ब्रांड बन गया। उन दिनोंभारतसेआयातितनीलकीविदेशमेंबेहदमांगथी।इसीनीलसेजीन्सकोनीलारंगदियागया।मानागयाकि यह रंगकामकाज के दौरानभीकालेसफेदसेबेहतररहेगा।

तो यूंफटीपहलीजीन्स
जीन्स के फटनेमेंसौसालकावक्तलगगया।वर्ष1970 के दशककादौरथा।पश्चिममेंपंकमूवमेंटजोरोंपरथा।आंदोलन की जड़ मेंथीव्यवस्थासेनाराजगी। उन दिनोयह जीन्सविद्रोहीराजनीतिकराय देनेतककाजरिया बन गयी।बादमेंमेडोनाजैसीहस्तियों ने महिलाओं के बीचमेंइसेऔरपाॅपुलरकरदिया।
मानाजाताहैकिवर्ष2010 के बाददुनियामेंफटीजीन्सफिरसेहावीहोगयी।गौरतलबहै यहीवहवक्तहैजबदुनियाभरमें युवाओं के आंदोलनहोरहेथे। यानीकिफटीजीन्सकलभी युवाआंदोलनकाप्रतीकथीऔरआजभी।

बाजारकाकट
अभीतक युवागुस्सेसेअपनीजीन्सफाड़ रहेथे।पर धीरे धीरेबाजार ने बताना शुरु कियाकिफटीजीन्सकाभीग्रामरहै।ढाईकटकासिद्धांतसामनेआया।जीन्सकैसेफाड़ीजाए इसकीनयी-नयीतकनीकसामनेआनेलगीं।सर्वाधिकचर्चितहुईं‘लेजर’और‘मैनुअल’। जहांतकलेजरकासवालहैजीन्समेंपहले एक होलकियाजाताहैबादमें एक साफ्टवेयरजीन्स के फटनेका एक पैटर्नतैयारकरताहै।फिरजीन्समें एक छेदकियाजाताहैऔरलेज़रइसेजीन्सकोजलाकरमनपसंदपैटर्नतैयारकरदेताहै।
मैनुअलरिपिंगमहंगीहोतीहै।इसमेंमार्करसेपहलेकटकरने के लिए स्केचबनायाजाताहै।फिरडिमरटूलकीमददलीजातीहैजिसमेंड्रिलर के साथसैंडपेपरभीहोताहै। धीरे धीरेइसप्रक्रियामेंसैंडब्लास्टिंगकीमददलीजानेलगीजिससेकामआसानहोगया।

जबजानलेवाहोनेलगेजीन्स के कट
इससैंडब्लास्टिंगका एक खतरनाकपहलूभीथा।इससेसिलिकासिसनामकीबीमारीफैलनेलगीजिसकेतहतरेत के कणकामगारों के फेफड़ोंमेंजमाहोनेलगी।दबाव बढ़ा तोप्रतिष्ठितकंपनियोंको यूरोपमेंसैंडब्लास्टिंग की परंपरारोकनीपड़ी।परकालाबाजारी ने इसकीजगहलेली।दुनिया के जीन्स एक्सपोर्टरमुल्कोंमेंसे एक तुर्कीमेंकियेगये एक शोध मेंकियापायागयासिलिकासिस ने हजारसेज्यादामजदूरोंकीहालतबेहद खराबपायीजिसमेंसेअनेकों की जानचलीगयी।बाजार के खिलाफविद्रोहभीआखिरकारबाजारकाशिकार बन गया।
युवाओंकोअसंतोषकाइजहारकरने के लिए अपनीजीन्सफाड़नेपरकोईरोकनहींलगासकता। जरूरत भीनहीं।इल्तिजाबस यह हैकि यह छेदजीन्सतकहीहोकर न रहजाए।कविदुष्यंत ने कहाथा, ‘कौनकहताहैआसमांमेंसुराख होनहींहोसकता, एक पत्थरतोतबियतसेउछालो यारों’।

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